Description
रोज़ क्वार्ट्ज माला को “प्रेम का रत्न” माना जाता है और यह माला प्रेम, करुणा, और मानसिक शांति को बढ़ाने के लिए उपयोग की जाती है। यह माला आपकी आंतरिक शक्ति को जागृत करने, नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मकता को आकर्षित करने में मदद करती है। रोज़ क्वार्ट्ज माला का उपयोग ध्यान, मंत्र जाप, और पूजा के लिए किया जाता है।
यहां रोज़ क्वार्ट्ज माला की पूजा विधि दी जा रही है:
पूजा विधि (Pooja Vidhi):
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पवित्र स्थान चुनें: सबसे पहले एक शुद्ध और शांत स्थान पर बैठें, जहाँ आपको ध्यान लगाने में आसानी हो। पूजा स्थल साफ और व्यवस्थित होना चाहिए।
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माला की सफाई: माला को सबसे पहले गंगाजल या शुद्ध पानी से धोकर साफ करें। इससे माला की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और यह शुद्ध हो जाती है। आप माला को थोड़ी देर तक गंगाजल में रख सकते हैं, फिर उसे हल्के कपड़े से पोंछ कर सुखा लें।
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दीपक और अगरबत्ती जलाएं: पूजा स्थल पर एक दीपक (तेल का दीपक) और अगरबत्ती जलाएं। इससे वातावरण शुद्ध होगा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होगा। आप ओम, श्री, या स्वास्तिक के प्रतीक से दीपक के चारों ओर तिलक भी कर सकते हैं।
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गंगाजल का छिड़काव: माला और पूजा स्थल पर गंगाजल छिड़कें। गंगाजल से वातावरण शुद्ध होता है और माला में सकारात्मकता का संचार होता है।
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मंत्र उच्चारण करें: अब माला को हाथों में लेकर ध्यानपूर्वक निम्नलिखित मंत्रों का जप करें:
- “ॐ श्रीं ह्लीं क्लीं रोज़ क्वार्ट्जाय नमः” – यह मंत्र माला के प्रभाव को जागृत करता है और प्रेम व शांति की ऊर्जा को बढ़ाता है।
- “ॐ मणिपद्मे हूँ” – यह मंत्र नकारात्मकता को दूर करने और मानसिक शांति की प्राप्ति के लिए उपयोगी है।
इन मंत्रों का 108 बार जप करें। माला के हर बीड के साथ एक मंत्र का उच्चारण करें। जब आप पूरे 108 बीड्स का जाप कर लें, तो यह आपके मन और शरीर में शांति और प्रेम का संचार करेगा।
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प्रार्थना करें: पूजा के दौरान भगवान से प्रार्थना करें कि यह माला आपको आंतरिक शांति, प्रेम, और आत्म-सम्मान की भावना दे। आप यह प्रार्थना कर सकते हैं:
“हे भगवान, इस रोज़ क्वार्ट्ज माला के माध्यम से मेरी जीवन में प्रेम, शांति और सकारात्मकता का संचार हो। मेरी नकारात्मकता दूर हो और मैं हर दिन प्रेम और करुणा के साथ जी सकूं।”
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माला पहनें: पूजा और मंत्र जाप के बाद माला को अपनी कलाई में पहनें। आप इसे गले में भी पहन सकते हैं, क्योंकि यह माला आपकी आत्मा को शांति और संतुलन प्रदान करती है। माला को पहनते समय ध्यान रखें कि माला आपके शरीर के संपर्क में हो, जिससे उसकी ऊर्जा आपके अंदर प्रवेश कर सके।
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ध्यान और शांति: माला पहनने के बाद कुछ समय के लिए शांत बैठकर ध्यान करें। अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और सकारात्मक विचारों को मन में लाएं। इससे आपका मन शांत होगा और आप अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस करेंगे।
ध्यान रखने योग्य बातें:
- माला का प्रयोग नियमित रूप से करें, खासकर ध्यान और मंत्र जाप के लिए।
- माला को साफ रखें और समय-समय पर गंगाजल से धोते रहें।
- माला को किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें क्योंकि यह आपकी व्यक्तिगत ऊर्जा से जुड़ी होती है।
- पूजा करते समय आपका मन शांत और एकाग्रित होना चाहिए, ताकि आपको अधिक लाभ मिल सके।
यह पूजा विधि आपके जीवन में प्रेम, शांति, और समृद्धि लाने में मदद करेगी। रोज़ क्वार्ट्ज माला से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा, जिससे आपकी आंतरिक शक्ति बढ़ेगी।





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