Description
18 मुखी रुद्राक्ष एक अत्यधिक शक्तिशाली और दुर्लभ रुद्राक्ष है, जिसे विशेष रूप से भगवान भूमि (प्रकृति की देवी) और भगवान शिव के रूप में पूजा जाता है। यह रुद्राक्ष 18 मुखों (facets) से युक्त होता है, जो कि इसकी शक्ति और प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है। 18 मुखी रुद्राक्ष को भूमि (धरती) से जुड़ा हुआ माना जाता है और इसे पृथ्वी के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के शक्तियों का संतुलन बनाने में मददगार माना जाता है।
18 मुखी रुद्राक्ष के शारीरिक और मानसिक लाभ:
- शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार: 18 मुखी रुद्राक्ष पहनने से शरीर में ऊर्जा का प्रवाह बेहतर होता है। यह शरीर के विभिन्न रोगों से राहत देने में सहायक होता है, जैसे दर्द, कमजोरी और अन्य शारीरिक समस्याएं।
- मानसिक शांति और संतुलन: यह रुद्राक्ष मानसिक शांति प्रदान करता है और मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद को कम करने में मदद करता है। यह मानसिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।
- समृद्धि और संपत्ति में वृद्धि: 18 मुखी रुद्राक्ष व्यक्ति के जीवन में धन, संपत्ति और समृद्धि की प्राप्ति के लिए लाभकारी होता है। यह विशेष रूप से व्यापारियों और उद्यमियों के लिए शुभ होता है।
- आध्यात्मिक उन्नति: यह रुद्राक्ष आध्यात्मिक उन्नति में सहायक होता है। यह साधक को ध्यान, साधना और आत्मज्ञान की प्राप्ति में मार्गदर्शन करता है।
- नकारात्मक ऊर्जा का नाश: यह रुद्राक्ष नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में मदद करता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है, जिससे व्यक्ति के जीवन में शांति और समृद्धि आती है।
- रिश्तों में सामंजस्य: यह रुद्राक्ष पारिवारिक और व्यक्तिगत रिश्तों में सामंजस्य और सुख-शांति लाने के लिए लाभकारी होता है।
18 मुखी रुद्राक्ष के लाभ:
- शारीरिक रोगों का उपचार: यह रुद्राक्ष शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करता है और शरीर को शक्ति और ताजगी प्रदान करता है।
- धन और संपत्ति में वृद्धि: 18 मुखी रुद्राक्ष पहनने से धन की वर्षा होती है और यह वित्तीय समृद्धि लाने के लिए बेहद प्रभावशाली है।
- सामाजिक और पारिवारिक जीवन में सुख: यह रुद्राक्ष सामाजिक और पारिवारिक जीवन में खुशी, संतुलन और सामंजस्य लाता है।
- व्यक्तित्व में सुधार: यह रुद्राक्ष आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति को बढ़ाता है, जिससे व्यक्ति का व्यक्तित्व सशक्त और आकर्षक बनता है।
- आध्यात्मिक प्रगति: यह रुद्राक्ष ध्यान, साधना और आत्मज्ञान की प्राप्ति में मदद करता है। यह व्यक्ति को अपने आध्यात्मिक पथ पर प्रगति की दिशा में मार्गदर्शन करता है।
- सकारात्मक ऊर्जा का संचार: यह रुद्राक्ष घर और कार्यस्थल में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है।
किसे पहनना चाहिए 18 मुखी रुद्राक्ष?
- व्यापारी और व्यापारी वर्ग: जो लोग वित्तीय समस्याओं का सामना कर रहे हैं और समृद्धि की कामना करते हैं, उनके लिए यह रुद्राक्ष बहुत लाभकारी होता है।
- स्वास्थ्य की कामना करने वाले: जो लोग शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार चाहते हैं, वे इसे पहन सकते हैं।
- आध्यात्मिक साधक और साधक वर्ग: जो लोग आध्यात्मिक उन्नति और ध्यान में प्रगति करना चाहते हैं, उन्हें यह रुद्राक्ष बेहद लाभकारी हो सकता है।
- परिवारिक जीवन में सुख और सामंजस्य की कामना करने वाले: यह रुद्राक्ष उन लोगों के लिए उपयुक्त है, जो अपने पारिवारिक जीवन में सुख और शांति चाहते हैं।
- जो लोग नकारात्मक ऊर्जा से बचने के लिए उपाय ढूंढ रहे हैं: यह रुद्राक्ष नकारात्मक प्रभावों को दूर करने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए उपयोगी होता है।
18 मुखी रुद्राक्ष पूजा विधि (Pooja Vidhi)
18 मुखी रुद्राक्ष की पूजा करने के लिए निम्नलिखित विधि का पालन करें:
- रुद्राक्ष की सफाई:
- सबसे पहले रुद्राक्ष को शुद्ध जल से धोकर साफ करें। आप इसे दूध में भी डुबोकर धो सकते हैं, ताकि यह शुद्ध हो जाए।
- फिर इसे मुलायम कपड़े से सुखाएं।
- पूजा स्थल तैयार करें:
- एक स्वच्छ स्थान पर लाल या पीली चादर बिछाएं और रुद्राक्ष को भगवान शिव या भगवान लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र के पास रखें।
- संकल्प लें:
- पूजा से पहले, शांत मन से संकल्प लें कि आप इस रुद्राक्ष से किस उद्देश्य को प्राप्त करना चाहते हैं।
- फूल और धूप अर्पित करें:
- भगवान के सामने ताजे फूल अर्पित करें और धूप (इंसेन्स) जलाएं।
- मंत्रों का जाप करें:
- 18 मुखी रुद्राक्ष के साथ निम्नलिखित मंत्रों का जाप करें:
- “ॐ नमः शिवाय” (भगवान शिव के लिए)
- “ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः” (भगवान लक्ष्मी के लिए)
- “ॐ ह्लीं क्लीं” (रुद्राक्ष की शक्ति को बढ़ाने के लिए)
- 18 मुखी रुद्राक्ष के साथ निम्नलिखित मंत्रों का जाप करें:
- आरती और पूजा:
- दीपक (दीया) जलाकर रुद्राक्ष के चारों ओर घुमा कर पूजा करें।
- 108 बार मंत्र का जाप करें और रुद्राक्ष को दूध या जल अर्पित करें।
- विशेष प्रार्थना:
- अपनी इच्छाओं और समस्याओं का समाधान करने के लिए भगवान से प्रार्थना करें।
- पूजा का समापन:
- पूजा के अंत में भगवान का धन्यवाद करें और रुद्राक्ष को सुरक्षित स्थान पर रखें।
- नियमित पूजा:
- रुद्राक्ष का अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए इसे नियमित रूप से पूजा करें, विशेष रूप से सोमवार के दिन, क्योंकि यह दिन भगवान शिव के लिए अत्यंत शुभ है।
निष्कर्ष:
18 मुखी रुद्राक्ष एक अत्यधिक शक्तिशाली रुद्राक्ष है जो शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है। यह रुद्राक्ष न केवल स्वास्थ्य और समृद्धि में वृद्धि करता है, बल्कि यह नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में भी सहायक है। इसका सही विधि से पूजा और उपयोग जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में मदद करता है।





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