Description
एकमुखी रुद्राक्ष
विशेषता: इसका आकार ओंकार जैसा होता है और इसमें भगवान शिव का वास माना जाता है।
फायदे:
- भगवान शिव से सीधा संबंध स्थापित करता है।
- मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति को बढ़ावा देता है।
- ध्यान और साधना में सहायता करता है।
- सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार करता है।
एकमुखी रुद्राक्ष की पूजा विधि
स्थान तैयार करें:
- एक शांत और स्वच्छ स्थान चुनें, जहाँ आप पूजा कर सकें।
सामग्री:
- एकमुखी रुद्राक्ष
- दीपक
- अगरबत्ती
- ताजे फूल
- जल (गंगाजल या सामान्य जल)
- प्रसाद (फल या मिठाई)
पूजा विधि:
- दीपक जलाएं: पूजा स्थल पर दीपक जलाएं और अगरबत्ती प्रज्वलित करें।
- ध्यान: एकमुखी रुद्राक्ष को एक साफ कपड़े पर रखें और भगवान शिव का ध्यान करें।
- मंत्र का जाप:
- “ॐ नमः शिवाय” का जाप 108 बार करें। इस मंत्र से शिवजी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- रुद्राक्ष को स्नान: रुद्राक्ष को जल से स्नान कराएं और उसके बाद उसे ताजे फूलों से सजाएं।
- प्रसाद अर्पित करें: जाप के बाद, भगवान शिव को प्रसाद अर्पित करें।
- धन्यवाद: पूजा के अंत में भगवान शिव का धन्यवाद करें और अपनी इच्छाएँ प्रकट करें।
ध्यान दें:
- इसे प्रत्येक सोमवार या महादेव की विशेष पूजा के दिन पहनना सबसे अच्छा होता है।
- नियमित रूप से इस रुद्राक्ष की पूजा करने से इसके सकारात्मक प्रभाव बढ़ते हैं।





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