माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में आठवीं महाविद्या हैं। उन्हें स्तम्भन शक्ति, शत्रु नाश और नकारात्मक ऊर्जा को शांत करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है। माँ बगलामुखी का कवच मंत्र साधक को मानसिक, शारीरिक और आध्यात्मिक सुरक्षा प्रदान करता है। यह कवच भक्त के चारों ओर एक दिव्य रक्षा-चक्र बनाता है, जिससे भय, बाधा और शत्रु प्रभाव कम होते हैं।
माँ बगलामुखी कवच क्या है?
कवच का अर्थ है रक्षा। माँ बगलामुखी कवच एक ऐसा शक्तिशाली मंत्रात्मक पाठ है, जो साधक के शरीर के प्रत्येक अंग की रक्षा माँ की कृपा से करता है। मान्यता है कि नियमित श्रद्धा और नियमपूर्वक पाठ करने से साधक को:
- नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा
- शत्रुओं के दुष्प्रभाव से बचाव
- वाणी, बुद्धि और निर्णय क्षमता में स्थिरता
- भय, भ्रम और मानसिक अशांति से मुक्ति
प्राप्त होती है।
माँ बगलामुखी कवच मंत्र (Baglamukhi Kavach Mantra)
ॐ ह्लीं बगलामुखि सर्वदुष्टानां वाचं मुखं पदं स्तम्भय जिह्वां कीलय बुद्धिं विनाशय ह्लीं ॐ स्वाहा ॥
यह मंत्र माँ बगलामुखी की स्तम्भन शक्ति को जाग्रत करता है और साधक के चारों ओर एक अदृश्य सुरक्षा कवच निर्मित करता है।
कवच पाठ की विधि
माँ बगलामुखी कवच का पाठ करते समय निम्न विधि का पालन करना श्रेष्ठ माना जाता है:
- दिन – मंगलवार या गुरुवार
- समय – प्रातः ब्रह्ममुहूर्त या रात्रि में
- आसन – पीला वस्त्र या कुशा आसन
- दिशा – उत्तर या पूर्व मुख
- वस्त्र – पीले रंग के वस्त्र
- माला – हल्दी या पीली चंदन की माला
पहले माँ बगलामुखी का ध्यान करें, फिर दीपक और धूप अर्पित कर कवच मंत्र का श्रद्धापूर्वक पाठ करें।
माँ बगलामुखी कवच के लाभ
- शत्रु बाधा, कोर्ट-कचहरी और विवादों में मानसिक बल
- नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र-बाधा से सुरक्षा
- भय, तनाव और अस्थिरता में कमी
- वाणी पर संयम और आत्मविश्वास में वृद्धि
- साधक के चारों ओर दिव्य सुरक्षा कवच
यह कवच विशेष रूप से उन लोगों के लिए उपयोगी माना जाता है जो जीवन में निरंतर विरोध, ईर्ष्या या बाधाओं का सामना कर रहे हों।
सावधानियाँ
- कवच मंत्र का प्रयोग सदैव श्रद्धा और शुद्ध भाव से करें
- मंत्र का दुरुपयोग या अहंकार भाव से पाठ न करें
- यदि संभव हो तो गुरु मार्गदर्शन में साधना करें
- सात्त्विक आहार और संयमित जीवनशैली अपनाएँ
निष्कर्ष
माँ बगलामुखी कवच मंत्र केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि साधक की आस्था, संयम और विश्वास का कवच है। नियमित और श्रद्धापूर्वक पाठ करने से साधक को आंतरिक शक्ति, मानसिक शांति और सुरक्षा का अनुभव होता है। माँ बगलामुखी की कृपा से असंभव भी संभव प्रतीत होने लगता है।
जय माँ बगलामुखी 🙏
यह लेख आध्यात्मिक आस्था पर आधारित है। साधना से पूर्व गुरु या योग्य विद्वान से परामर्श लेना श्रेयस्कर है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
1. क्या माँ बगलामुखी कवच कोई भी कर सकता है?
हाँ, शुद्ध मन और श्रद्धा के साथ कोई भी साधक इसका पाठ कर सकता है।
2. कवच पाठ कितने दिनों तक करना चाहिए?
कम से कम 11 या 21 दिन लगातार पाठ करना श्रेष्ठ माना जाता है।
3. क्या यह मंत्र तंत्र बाधा से रक्षा करता है?
मान्यता है कि माँ बगलामुखी कवच नकारात्मक ऊर्जा और तंत्र बाधा से सुरक्षा प्रदान करता है।
4. क्या गुरु दीक्षा आवश्यक है?
कवच पाठ के लिए दीक्षा अनिवार्य नहीं है, परंतु गुरु मार्गदर्शन लाभकारी होता है।
जय माँ बगलामुखी 🙏
